लोफो और लखनऊ रिवर फ्रंट !
एक सुबह लोफ़ो (मेरी साइकल) मुँह फुलाए बैठी थी,जब मैं ने नाराज़गी का कारण पूछा तो लोफ़ो ने बताया कि अब तक मैंने उसको पुराना लखनऊ और खंडहर जैसी इमारतें ही दिखायीं है,लखनऊ में सब पुराना ही है क्या ? मैं मुस्कुराया और बोला नहीं रे.... चल तुझे नया वाला लखनऊ दिखता हूँ.. फिर क्या था, साइकल और सवार 🚴🏻♂️दोनों निकल पड़े एक नयी दिशा में कुछ और फ़ोटो वाले अनुभव जुटाने, मंज़िल थी - गोमती रिवरफ़्रंट और आस पास का नया बसा खूबसूरत इलाक़ा, आइए लोफ़ो के साथ आपको भी नए लखनऊ की कुछ झलक दिखता हूँ.. #Lucknow #Awadh २००५ में उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ से बाहर निकला और अब तक बाहर ही हूँ, क्योंकि घर और माता-पिता यहीं हैं इसलिय लखनऊ से कभी दूर नहीं रहा, साल में ६-७ बार आना ज़रूर होता है.. और इन १५ सालों में ये नया इलाक़ा बेहद ही खूबसूरत तरीक़े से लखनऊ की शान में चार चाँद लगाने के लिए गढ़ा गया है| आगे बढ़ते बढ़ते लोफ़ो अचानक से गोमती नदी की तरफ़ देखते-देखते मानो ठिठक सी गयी और बोली कि पहले तो नदी के किनारे कच्चा रास्ता था अब ये हरियाली कैसी आ गायी और सुबह सुबह इतने लोग यहाँ चहलक़दमी क्यूँ कर रहे हैं भ...