लोफ़ो, लॉकडाउन और हज़रतगंज !
अगर कनॉट प्लेस दिल्ली का दिल है तो हज़रतगंज लखनऊ की धड़कन ! आज का हज़रतगंज पुरानी नवाबी नज़ाकत और आधुनिकता का अनोखा संगम है ! जो चाहिए वो मिलेगा यहाँ, चाहे सैर सपाटा हो या शॉपिंग या फिर फ़िल्म और खान पान, हर उम्र और वर्ग के लिए ।
लखनऊ के मध्य में बसा लगभग हज़रतगंज २०० साल से भी ज़्यादा पुराना है, इस मार्केट की स्थापना १८२७ में नवाब “नासिर उद दीन हैदर” ने चाइना बाज़ार और कप्तान बाज़ार नीव रख कर की थी, जहाँ कई बाहरी देशों से आया हुआ समान बिकता था । १८४२ में इसका नाम हज़रतगंज पड़ा, तब के नवाब “अमजद अली शाह”के नाम पर, जिनको सम्मान से “हज़रत” नाम से जाना जाता था ! तब के हजरतगंज में मुग़ल क़ालीन निर्माण शैली की छाप थी, १८५७ में ब्रिटिश हुकूमत ने हज़रतगंज का पुनर्निर्माण किया, लंदन के मशूहूर क्वीन स्ट्रीट के तर्ज़ पे !
इसलिए आज के गंज में आपको युरोपियन शैली की छाप आसानी से दिख जाएगी, वर्तमान आधुनिक दौर में भी इस स्वरूप को बरकरार रखने का सराहनीय प्रयास अलग अग़ल समय पे सरकारों द्वारा समय समय पे किया गया है । गंज का इतिहास जान के लोफ़ो को अच्छा लगा, अब तो गजिंग (गंज घूमने को हम लखनऊ वाले इसी नाम से बुलाते हैं ) के लिए उत्साहित हो चली थी । गंज के मुख्य चौराहे पे ( जिसे अब अटल चौक कहा जाता है) गांधी की प्रतिमा देखकर उसकी कुछ जिज्ञासा बढ़ी ।
गंज में सब कुछ है, यहाँ लखनऊ के कई प्रमुख सिनेमाहाल हुआ करते थे, हाँ सिंगल स्क्रीन वाले.. मेफेयर, कैपिटल , लीला , बसंत , नावेल्टी और साहू अपने जमाने में बेहद लोकप्रिय थे । मल्टीप्लेक्स में जमाने में ज़्यादातर दम तोड़ चुके हैं.. सिर्फ़ नावेल्टी और साहू ही अपने आप को ज़िंदा रख सके ।
पिक्चर की बात हो और खाने जा ज़िक्र ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है, चलिये लोफ़ो के साथ आपको मिलवाता हूँ बाजपेई कचौड़ी भंडार से, अभी दुकान खुलने का समय नहीं हुआ है नहीं तो दिन के किसी भी वक़्त यहाँ लम्बी लम्बी लाइन देखकर आप चकित रह जाएँगे । इनका टैग लाइन है “स्वाद अनुसार रोचक” , १९७५ में स्थापित और आज भी शायद पहले से ज़्यादा रोचक.. पूरी-सब्ज़ी और शानदार चोले भटूरे के लिए यहाँ आना हमेशा सफलव रहता है.. हाँ मिर्च का असर कुछ ज़्यादा देर तक महसूस कर सकते हैं आप 😊

अब मिलिए रॉयल कैफ़े से, अगर आप खाने के शौक़ीन हैं और यहाँ की बास्केट चाट आपने नहीं खायी तो आपका जीवन व्यर्थ ही समझिए । यहाँ और भी बहुत कुछ खाने को है जिसका आप पूरे परिवार के साथ आनंद उठा सकते हैं ।













Excellent Discretion of Lucknow.
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